“लापता बच्चों पर पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 3 घंटे में हैप्पी एंडिंग”
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी/रामनगर:
नैनीताल पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और संवेदनशीलता का शानदार उदाहरण पेश किया है। हल्द्वानी से लापता हुए तीन स्कूली छात्रों को महज 3 घंटे के भीतर रामनगर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस तेज कार्रवाई से जहां एक संभावित बड़ी घटना टल गई, वहीं परिजनों ने राहत की सांस ली।
क्या था मामला?
शनिवार को हल्द्वानी के एक स्कूल में पढ़ने वाले तीन नाबालिग छात्र स्कूल जाने के बाद घर नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद जब बच्चों का कोई सुराग नहीं पाया, तो पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया।
ऐसे चला ऑपरेशन ‘स्माइल’
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी थानों, चेकपोस्ट और बैरियरों को सतर्क किया। बच्चों के हुलिए सोशल मीडिया और वायरलेस के जरिए प्रसारित किए गए।
एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ हल्द्वानी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद रामनगर पुलिस के साथ समन्वय कर तीनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
घर से नाराज होकर निकले थे बच्चे
पूछताछ में सामने आया कि तीनों बच्चे किसी बात से नाराज होकर घर से चले गए थे। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित थाने लाकर काउंसलिंग की और जरूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने कहा— “पुलिस ने लौटाई हमारी दुनिया”
अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने नैनीताल पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई न करती, तो कुछ भी हो सकता था।
👮♂️ एसएसपी का संदेश:
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 पर सूचना दें।
👥 टीम जिसने किया कमाल:
- प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता
- SSI रोहताश सिंह
- हेड कांस्टेबल इसरार नबी (CCTV)
- कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी
👉 निष्कर्ष:
तेज रिस्पॉन्स, तकनीक का सही इस्तेमाल और टीमवर्क—इन्हीं तीन हथियारों के दम पर नैनीताल पुलिस ने 3 मासूमों को सुरक्षित घर पहुंचाकर एक बड़ी सफलता दर्ज की।


















