कर्तव्यपरायणता की मिसाल: जब एसएसपी मंजुनाथ टीसी की पैनी नजरों ने भांप लिया बड़ा खतरा, आग लगी बस को एसएसपी ने ओवरटेक कर टायर में लगी आग पर पाया काबू, बीच सड़क पर स्वयं मोर्चा संभाल कर बचाई 10 यात्रियों की जान, राहगीरों ने की नैनीताल के SSP की तारीफ।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे पर बुधवार रात वो मंजर था, जो कुछ ही पलों में एक बड़े हादसे में बदल सकता था… लेकिन तभी एंट्री हुई खाकी के असली हीरो की!
रात करीब 10:05 बजे, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी क्षेत्र भ्रमण पर थे, तभी भोटिया पड़ाव के पास उनकी नजर आगे चल रही रोडवेज बस (UK07PA6128) पर पड़ी। बस अल्मोड़ा से दिल्ली की ओर जा रही थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि खतरा बस के नीचे सुलग रहा है।
🔥 चलती बस के टायर में लगी आग… और ड्राइवर बेखबर!
बस के टायर से उठती आग की लपटों को देखते ही SSP ने बिना वक्त गंवाए अपनी गाड़ी से बस को ओवरटेक कर रुकवा दिया। चालक शिवराज सिंह बिष्ट और परिचालक पूर्ण सिंह इस खतरे से पूरी तरह अनजान थे।
🚔 खाकी ने संभाला मोर्चा, खुद उतरे मैदान में
बस रुकते ही SSP मंजुनाथ टीसी ने खुद कमान संभाली। पुलिस टीम, चालक और गनर के साथ मिलकर सभी यात्रियों को तेजी से बस से बाहर निकाला गया।
पास के पेट्रोल पंप से तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर मंगवाए गए और आग पर काबू पाया गया। साथ ही कंट्रोल रूम को सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया।
👥 10 यात्रियों की जान बची, टला बड़ा हादसा
बस में सवार करीब 10 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
इसके बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तुरंत वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित रवाना किया गया।
💬 SSP का संदेश:
इस पूरे घटनाक्रम के बाद SSP मंजुनाथ टीसी ने साफ कहा—
“जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। सभी वाहन चालक यात्रा से पहले अपने वाहनों की तकनीकी जांच जरूर करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।”
👉 निष्कर्ष:
अगर उस रात खाकी की नजर और तेजी नहीं होती… तो एक छोटी सी चिंगारी बड़ी त्रासदी बन सकती थी। लेकिन SSP की सतर्कता और सूझबूझ ने 10 जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया।







