आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल का वार्षिक निरीक्षण—गुणवत्ता से समझौता नहीं, स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
पिथौरागढ़। कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल ने बुधवार को जनपद पिथौरागढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
🔍 निर्माण कार्यों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना जाजरदेवल के निर्माणाधीन भवन सहित विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों
- गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो
- नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए
- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस अधोसंरचना बेहतर कानून व्यवस्था की नींव होती है।
🗂️ पुलिस कार्यालय का भी निरीक्षण
आईजी ने पुलिस कार्यालय पिथौरागढ़ की विभिन्न शाखाओं—अभिलेख, अपराध और गोपनीय शाखा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने—
- अभिलेखों के रख-रखाव
- लंबित मामलों के निस्तारण
- डिजिटलीकरण की प्रगति
- कार्यों में पारदर्शिता
का बारीकी से परीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तेजी से पूरा किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
💻 स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर
आईजी अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक आधारित पुलिसिंग बेहद जरूरी है। सभी शाखाएं समन्वय के साथ कार्य कर “स्मार्ट पुलिसिंग” को आगे बढ़ाएं।
👮 अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
👉 निष्कर्ष
यह निरीक्षण महज औपचारिकता नहीं बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में एक सख्त संदेश रहा।
स्पष्ट संकेत: अब कुमायूँ पुलिस में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा।





