रामनगर में स्कूल बसों की लापरवाही, सुरक्षा नियम तार-तार—मासूम बच्चों की जान जोखिम में, जिम्मेदार विभाग बेखबर।

रामनगर में स्कूल बसों की लापरवाही, सुरक्षा नियम तार-तार—मासूम बच्चों की जान जोखिम में, जिम्मेदार विभाग बेखबर।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

रामनगर विधानसभा क्षेत्र में संचालित प्राइवेट स्कूलों की बसों में सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वाहन चालक बिना सीट बेल्ट लगाए सड़कों पर स्कूल बसें दौड़ा रहे हैं, लेकिन मासूम बच्चों की जिंदगी की किसी को कोई परवाह नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि प्राइवेट स्कूल संचालक और वाहन चालक दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं। परिवहन विभाग के नियमों को मानो खुलेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  फिरोंदारा मण्डल व ग्रामीण मंडल में रक्षाबंधन कार्यक्रम की रही धूम, मातृशक्ति के अपार स्नेह से भावुक हुए इंदर रावत।

 

 

 

 

रामनगर का परिवहन विभाग भी इस गंभीर लापरवाही पर आंखें मूंदे बैठा है। यही वह विभाग है, जिसके कंधों पर सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि ये कंधे कमजोर हो चुके हैं या फिर जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह लापरवाह हो चुके हैं?
स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि वाहन चालक नियमों को अपने टायरों के नीचे कुचलते हुए बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, और परिवहन विभाग गहरी नींद से जागने को तैयार नहीं है।

यह भी पढ़ें 👉  गोलज्यू की गाथा अब बड़े पर्दे पर, सीएम धामी ने ‘बाला गौरिया’ का टीजर-पोस्टर किया लॉन्च।

 

 

 

रामनगर एक टूरिस्ट नगरी होने के कारण पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार विभाग की हालत ऐसी हो चुकी है मानो उसके कंधे पोलियो ग्रस्त हो गए हों, जो अब अपनी जिम्मेदारियों का बोझ उठाने में असमर्थ हैं।

 

 

गौरतलब है कि रामनगर परिवहन विभाग के कार्यक्षेत्र में पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिन्होंने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया था। उन हादसों के बाद कुछ समय के लिए विभाग जागा, कार्रवाई भी हुई और सड़कों पर सख्ती भी नजर आई।

यह भी पढ़ें 👉  थाना ऑफ द मंथ फोकस* *अब थानों की होगी परफॉर्मेंस रैंकिंग! SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने शुरू किया “थाना ऑफ द मंथ”* *अपराध नियंत्रण से डिजिटल पुलिसिंग तक होगी कार्यप्रणाली की समीक्षा* *लापरवाही पर कुछ थाना प्रभारियों को लगाई फटकार*

 

 

 

लेकिन जैसे-जैसे हादसों के जख्म भरते गए, परिवहन विभाग फिर से अपनी पुरानी आदतों में लौट आया और गहरी नींद में चला गया।
आज हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि रामनगर परिवहन विभाग फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

kj
tara