*नैनीताल में विकास योजनाओं पर राज्यपाल सख्त, अधिकारियों से मांगा ग्राउंड रिपोर्ट कार्ड*
*होमस्टे पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 300 संचालकों को जारी हुए नोटिस*
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सोमवार को लोक भवन नैनीताल में कुमाऊं मंडल और नैनीताल जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक कर विकास योजनाओं, पर्यटन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों के विकास से लेकर कैंची धाम बाईपास, होमस्टे कार्रवाई और भूमि विवाद निस्तारण तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
दीपक रावत ने राज्यपाल को बताया कि कैंची धाम के लिए बनाया जा रहा बाईपास लगभग तैयार हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था सुचारु होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि किच्छा में बन रहा एम्स सैटेलाइट सेंटर अगले दो से तीन महीनों में शुरू हो जाएगा, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा सहारा मिलेगा।
वहीं ललित मोहन रयाल ने राजस्व और प्रशासनिक सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि नामांतरण प्रक्रिया को गांव-गांव चौपाल लगाकर आसान बनाया गया है। अब तक करीब 25 हजार लाभार्थियों के नाम खतौनी में दर्ज किए जा चुके हैं। जन्म-मृत्यु पंजीकरण के 12 हजार लंबित मामलों का निस्तारण कर जिला प्रशासन ने “शून्य लंबित” स्थिति हासिल की है।
डीएम ने बताया कि भूमि सीमांकन, मेड़ विवाद और पारिवारिक बंटवारे जैसे मामलों के समाधान के लिए गठित राजस्व प्रवर्तन समिति अब तक करीब 3400 मामलों का निस्तारण कर चुकी है। दूसरी ओर नियमों के विपरीत होटल की तरह संचालित हो रहे होमस्टे पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। करीब 300 होमस्टे संचालकों को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बैठक में डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पर्यटन सीजन के दौरान कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे इंतजामों की जानकारी दी।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और नैनीताल आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


