SSP डॉ. मंजुनाथ टीसी की सख्ती रंग लाई, रामनगर पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी का बड़ा खुलासा कर दो बदमाश गिरफ्तार किए।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी कर फरार हुए शातिर चोरों को शायद अंदाजा नहीं था कि इस बार उनका सामना ऐसी पुलिस से हुआ है, जिसने 70-80 CCTV कैमरों की धूल झाड़कर उनकी पूरी “क्राइम फिल्म” का क्लाइमेक्स बदल दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के सख्त तेवरों के बाद रामनगर पुलिस मैदान में उतरी तो चोरों की सांसें अटक गईं। भवानीपुर निवासी बृजमोहन का ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी होने की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। आदेश हुआ— “चोर चाहिए… किसी भी कीमत पर।”
इसके बाद शुरू हुआ CCTV, मुखबिर और टेक्निकल इंटेलिजेंस का ऐसा ऑपरेशन, जिसमें पुलिस ने एक-एक फुटेज को ऐसे खंगाला जैसे किसी क्राइम थ्रिलर की स्क्रिप्ट पढ़ी जा रही हो। आखिरकार कैमरों में दो चेहरे कैद हुए, जो चोरी के ट्रैक्टर को लेकर फरार हो रहे थे।
जांच आगे बढ़ी तो सामने आए मुरादाबाद के अतीक और सद्दाम… जो दिन में स्टोन क्रेशर में ड्राइवर बनते थे और रात में ट्रैक्टर चोरी की पटकथा लिखते थे। दोनों इतने शातिर निकले कि गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। हालात ऐसे बने कि पुलिस को दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित करना पड़ा।
लेकिन कहते हैं ना… “कानून के हाथ लंबे होते हैं।”
19 मई को पीरूमदारा में पुलिस ने ऐसा घेरा डाला कि दोनों आरोपी चोरी किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत दबोच लिए गए।
पूरे ऑपरेशन की कमान प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने संभाली, जबकि एसपी सिटी मनोज कत्याल की निगरानी में पुलिस टीम लगातार एक्टिव रही।
इस शानदार कामयाबी पर एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। रामनगर में अब यह चर्चा जोरों पर है कि “इस बार पुलिस ने चोरों की पूरी फिल्म रिलीज होने से पहले ही फ्लॉप कर दी।”


