
पीरूमदारा हाट बाजार में कथित वसूली का बड़ा खेल! विपिन चौधरी और सूरज चौधरी पर रोजाना 10 हजार रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप, जिला पंचायत में पहुंची शिकायत।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। पीरूमदारा हाट बाजार में ठेके के संचालन को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बाजार में कथित अवैध वसूली, दबंगई और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों ने पूरे मामले को गरमा दिया है। ठेकेदार की ओर से विपिन चौधरी और सूरज चौधरी के खिलाफ जिला पंचायत नैनीताल के अपर मुख्य अधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। शिकायत में प्रतिदिन 10 हजार रुपये की कथित वसूली मांगने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता मंजू यादव के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पीरूमदारा हाट बाजार का ठेका जिला पंचायत नैनीताल द्वारा उनके नाम पर 30 लाख रुपये में स्वीकृत किया गया है। आरोप है कि ठेका मिलने के बाद से ही विपिन चौधरी और सूरज चौधरी बाजार के संचालन में हस्तक्षेप कर उन्हें परेशान कर रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि सूरज चौधरी स्वयं को करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष बताकर बाजार से प्रतिदिन 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि रकम देने से इनकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इससे उनके सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा का संकट भी खड़ा हो गया है।
शिकायत में विपिन चौधरी के कथित आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने हत्या और लूट जैसे गंभीर मामलों में सजा काटने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों और आपराधिक इतिहास की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
30 लाख का ठेका, ऊपर से रोजाना 10 हजार की मांग!
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर जिला पंचायत से लाखों रुपये में ठेका लेने वाले ठेकेदार को बाजार संचालित करने के लिए कथित वसूली के दबाव का सामना क्यों करना पड़ रहा है? यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला कानून व्यवस्था और जिला पंचायत की ठेका व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
अपर मुख्य अधिकारी से लगाई कार्रवाई की गुहार
शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला पंचायत प्रशासन और पुलिस इस शिकायत पर कितनी गंभीरता दिखाते हैं। साथ ही आरोपित पक्ष का जवाब और जांच के निष्कर्ष भी इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण होंगे।



