ग्लोबल इन्वेस्टर समिट एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री धामी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू एवं उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संपादित एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, आ रही बाधाओं और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3 लाख 57 हजार 693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू किए गए थे, जिनमें से अब तक 1 लाख 6 हजार 953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निवेशकों के उत्तराखंड पर बढ़ते विश्वास, मजबूत कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने, परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और अनावश्यक देरी से बचने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति में संशोधन या सरलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों के साथ निरंतर संवाद बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, सरल प्रक्रियाओं और उद्योग-फ्रेंडली इकोसिस्टम से जुड़े सुधारों की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं तय टाइमलाइन के अनुसार पूरी हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए।
बैठक में पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग ने बताया कि स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए एरिया आधारित फोकस पॉलिसी पर कार्य किया जा रहा है।
उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिससे उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
संस्कृति और अध्यात्म को विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अवसंरचनात्मक निर्माण, तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विश्वविद्यालय, हिंदू स्टडीज सेंटर और प्राच्य शोध केंद्र से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अडांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गब्र्याल, वन विभाग से रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






