मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त पहल को झटका: रामनगर में अधिकारियों की अनदेखी से बढ़ी अव्यवस्था साइलेंट जोन में शोर और जंगलों में अतिक्रमण।

मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त पहल को झटका: रामनगर में अधिकारियों की अनदेखी से बढ़ी अव्यवस्था साइलेंट जोन में शोर और जंगलों में अतिक्रमण।

 

 

 उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

विकासखंड रामनगर में अधिकारियों की लापरवाही से भ्रष्टाचार का बोलबाला है। चाहे वह मामला सिंचाई नहर पर अतिक्रमण का हो फलदार बगीचों के कटने का हो, साइलेंट जोन में डीजे बजाना और अवैध पार्किंग का हो, यह जंगलों की भूमि पर अतिक्रमण का हो।

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सभी जगह भ्रष्टाचार के मामले देखने को मिल रहे हैं लेकिन संबंधित अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी उसे पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होती है जिससे यह प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों की वजह से ही इन भ्रष्टाचार फैलाने वालों के हौसले इतने बुलंद है इसलिए अतिक्रमण का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों के द्वारा होमस्टे के नाम पर होटल बना रखे हैं

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और अपने होमस्टे में कमर्शियल मीटर, कमर्शियल जनरेटर और स्विमिंग पूल तक बने हुए हैं कई होटलों और होमस्टे ने बिना परमिशन के जमीन को खोदकर बोरिंग भी कर रखी है। और पार्टियों में बिना लाइसेंस के शराब भी परोसी जाती है। ग्राम टेढ़ा ग्राम सेमलखलिया, और ग्राम बासीटीला में होमस्टे को देखा जा सकता है।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने का बीड़ा उठाया हुआ है लेकिन कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा नियम कानून की धज्जियाँ को उड़ाया जा रहा है अब ऐसे भ्रष्टाचार करने वालों पर यह अधिकारीयो पर धामी सरकार क्या कार्रवाई करते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।