क्रॉप कटिंग प्रयोग बना बीमा क्लेम का आधार, किसानों को मिला जागरूकता का संदेश।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
कालाढूंगी (नैनीताल)। तहसील कालाढूंगी के अंतर्गत ग्राम गैबुआ मोहनपुर मेहरा में फसल उत्पादन के आकलन हेतु क्रॉप कटिंग प्रयोग सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह प्रयोग राजस्व उप निरीक्षक तारा चन्द्र घिल्डियाल की देखरेख में स्थानीय किसान भजन सिंह के गेहूं के खेत पर किया गया।
निर्धारित मानकों के अनुसार खेत के चयनित हिस्से की फसल काटकर उसकी उपज का वैज्ञानिक तरीके से आंकलन किया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया गया।
यह क्रॉप कटिंग प्रयोग न केवल फसल उत्पादन का सही आकलन करने में सहायक है, बल्कि फसल बीमा क्लेम के निर्धारण में भी अहम भूमिका निभाता है। इससे प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को उचित मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को फसल बीमा योजनाओं और क्रॉप कटिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे वे भविष्य में अपनी फसल का बीमा कराकर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
इस अवसर पर राजस्व उप निरीक्षक तारा चन्द्र घिल्डियाल ने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े ही बीमा क्लेम का आधार होते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है।
स्थानीय किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



