लिखित आदेश न आने से महिलाओं का आंदोलन 51वें दिन भी जारी, पाटकोट रोड से शराब दुकान हटाने की मांग पर महिलाएं अडिग।

लिखित आदेश न आने से महिलाओं का आंदोलन 51वें दिन भी जारी, पाटकोट रोड से शराब दुकान हटाने की मांग पर महिलाएं अडिग।

लिखित आदेश न आने से महिलाओं का आंदोलन 51वें दिन भी जारी, पाटकोट रोड से शराब दुकान हटाने की मांग पर महिलाएं अडिग।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर, 
पाटकोट रोड स्थित शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं का धरना आज 51वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठी महिलाओं ने प्रशासन से यह स्पष्ट मांग दोहराई कि जब तक दुकान को निरस्त किए जाने की लिखित सूची में पाटकोट रोड का नाम नहीं आता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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धरने पर बैठी हेमादेवी, पूजादेवी, प्रभावतीदेवी, चनादेवी, मोहनी देवी समेत दर्जनों महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कहा कि उत्तराखंड के आबकारी आयुक्त द्वारा सात दिन पहले यह बयान दिया गया था कि जहां जनविरोध होगा, वहां शराब की दुकानें पूर्णतः बंद की जाएंगी और लाइसेंस निरस्त होंगे। लेकिन अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से निरस्त की गई दुकानों की कोई सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे आंदोलनकारी महिलाओं में रोष है।

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महिलाओं ने दो टूक कहा कि केवल मौखिक आश्वासन नहीं, उन्हें लिखित आदेश और सूची चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि पाटकोट रोड की शराब दुकान निरस्त की जा चुकी है।

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स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते विरोध और तेज होता जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि यह आंदोलन अब सम्मान और सामाजिक सरोकार की लड़ाई बन चुका है, जिसे वे तब तक जारी रखेंगी जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती।