बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 1098 हेल्पलाइन के प्रचार पर जोर।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बाल कल्याण योजनाओं और बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता योगेश रजवार, सदस्य उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने की।
बैठक में जिला प्रोबेशन कार्यालय, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं और चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान जनपद में बाल अधिकारों के संरक्षण और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किशोर न्याय अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों में त्वरित कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
साथ ही जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। स्कूल ड्रॉपआउट की समस्या पर चिंता जताते हुए बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई गई, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मा. सदस्य ने निर्देश दिए कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपंजीकृत संस्थाओं की जांच की जाए। दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में निःसंतान अभिभावकों को प्राथमिकता देने और संबंधित मामलों की जांच के निर्देश भी जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिए गए।
हल्द्वानी स्थित हिमालयन नव जीवन संस्थान को वर्ष 2019 से पंजीकरण के बावजूद बजट आवंटन न मिलने पर चिंता जताई गई और शासन स्तर पर पत्राचार करने को कहा गया। वहीं यूएसआर इन्दु समिति में 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के पुनर्वास हेतु वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विभिन्न संस्थाओं की समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए प्रस्ताव जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी नैनीताल वर्षा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष देवकी आर्या, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य नजर अली सहित कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


