“अनुशासन का दम, अपराधियों पर वार!”—आईजी रिद्धिम अग्रवाल का सख्त संदेश”
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
पिथौरागढ़। कुमायूँ परिक्षेत्र में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल ने 9 अप्रैल 2026 को जनपद पिथौरागढ़ का व्यापक वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड से लेकर अपराध समीक्षा तक हर स्तर पर व्यवस्थाओं को परखा और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
👮 परेड निरीक्षण—अनुशासन और टर्नआउट पर फोकस
पुलिस लाइन पिथौरागढ़ में आयोजित परेड का निरीक्षण करते हुए आईजी ने जवानों के अनुशासन, ड्रिल, एकरूपता और समन्वय का बारीकी से मूल्यांकन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों की सराहना की गई, वहीं सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए गए।
🏢 पुलिस लाइन का निरीक्षण—व्यवस्थाओं को परखा
आईजी अग्रवाल ने पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत भ्रमण कर बैरक, मैस, शस्त्रागार, परिवहन शाखा, स्टोर और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्मिकों की सुविधाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
🤝 सैनिक सम्मेलन—समस्याएं सुनी, मनोबल बढ़ाया
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिसकर्मियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया। त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए आईजी ने कार्मिकों का मनोबल बढ़ाया और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
🧑🤝🧑 जनता से सीधा संवाद
जनसंवाद कार्यक्रम में आम लोगों की शिकायतें और सुझाव सुने गए। आईजी ने निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण किया जाए तथा पुलिस-जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया जाए।
🚨 अपराध समीक्षा बैठक—सख्त निर्देश जारी
अपराध गोष्ठी में सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान कई अहम निर्देश दिए गए—
- लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
- वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी
- ई-साक्ष्य (e-Sakshya) और NATGrid जैसे पोर्टलों पर डेटा अपडेट
- CM हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित समाधान
- महिला अपराधों की जांच 60 दिन में पूरी करना अनिवार्य
- NDPS मामलों में बड़े तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
- गुमशुदा बच्चों की 100% बरामदगी सुनिश्चित करना
- अज्ञात शवों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
⚡ “ऑपरेशन प्रहार” की समीक्षा
आईजी ने “ऑपरेशन प्रहार” अभियान की भी गहन समीक्षा करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
👉 निष्कर्ष
आईजी रिद्धिम अग्रवाल का यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पुलिसिंग को मजबूत, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्पष्ट संदेश: अब कुमायूँ पुलिस में अनुशासन, जवाबदेही और एक्शन—तीनों पर बराबर जोर रहेगा। 🚔🔥
पिथौरागढ़। कुमायूँ परिक्षेत्र में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल ने 9 अप्रैल 2026 को जनपद पिथौरागढ़ का व्यापक वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड से लेकर अपराध समीक्षा तक हर स्तर पर व्यवस्थाओं को परखा और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
👮 परेड निरीक्षण—अनुशासन और टर्नआउट पर फोकस
पुलिस लाइन पिथौरागढ़ में आयोजित परेड का निरीक्षण करते हुए आईजी ने जवानों के अनुशासन, ड्रिल, एकरूपता और समन्वय का बारीकी से मूल्यांकन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों की सराहना की गई, वहीं सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए गए।
🏢 पुलिस लाइन का निरीक्षण—व्यवस्थाओं को परखा
आईजी अग्रवाल ने पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत भ्रमण कर बैरक, मैस, शस्त्रागार, परिवहन शाखा, स्टोर और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्मिकों की सुविधाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
🤝 सैनिक सम्मेलन—समस्याएं सुनी, मनोबल बढ़ाया
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिसकर्मियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया। त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए आईजी ने कार्मिकों का मनोबल बढ़ाया और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
🧑🤝🧑 जनता से सीधा संवाद
जनसंवाद कार्यक्रम में आम लोगों की शिकायतें और सुझाव सुने गए। आईजी ने निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण किया जाए तथा पुलिस-जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया जाए।
🚨 अपराध समीक्षा बैठक—सख्त निर्देश जारी
अपराध गोष्ठी में सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान कई अहम निर्देश दिए गए—
- लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
- वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी
- ई-साक्ष्य (e-Sakshya) और NATGrid जैसे पोर्टलों पर डेटा अपडेट
- CM हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित समाधान
- महिला अपराधों की जांच 60 दिन में पूरी करना अनिवार्य
- NDPS मामलों में बड़े तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
- गुमशुदा बच्चों की 100% बरामदगी सुनिश्चित करना
- अज्ञात शवों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
⚡ “ऑपरेशन प्रहार” की समीक्षा
आईजी ने “ऑपरेशन प्रहार” अभियान की भी गहन समीक्षा करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
👉 निष्कर्ष
आईजी रिद्धिम अग्रवाल का यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पुलिसिंग को मजबूत, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्पष्ट संदेश: अब कुमायूँ पुलिस में अनुशासन, जवाबदेही और एक्शन—तीनों पर बराबर जोर रहेगा। 🚔🔥





