इस्कॉन रामनगर में संडे फीस्ट – पितृ तर्पण एवं श्राद्ध का महत्व बताया।
उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक
रामनगर, 14 सितम्बर 2025।
इस्कॉन रामनगर द्वारा आज लखनपुर में साप्ताहिक कार्यक्रम संडे फीस्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इस्कॉन रामनगर के संचालक श्री मधुहा हरिदास प्रभु ने पितरों के तर्पण, भोजन प्रसाद दान की महत्ता एवं इसके धार्मिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना अत्यंत आवश्यक है। हमारे जीवन में पाँच प्रकार के ऋण होते हैं – देव ऋण, ऋषि ऋण, भूत ऋण, अतिथि ऋण एवं पितृ ऋण। इन ऋणों का निर्वहन न केवल जीवन को संतुलित बनाता है बल्कि मोक्ष व भगवत प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
प्रभुजी ने कहा कि पितृ पक्ष के पंद्रह दिनों में पितर अपने वंशजों से भोजन और जल की अपेक्षा करते हैं। अतः इस अवधि में भोजन को भगवान को भोग लगाकर, तुलसी पत्र अर्पित कर एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ पितरों को अर्पित करना चाहिए। यही वैष्णव परंपरा है, जो पितरों को वास्तविक तृप्ति व शांति प्रदान करती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने भी गया जी में अपने पिता दशरथ का श्राद्ध किया था और भगवान नरसिंह ने प्रह्लाद महाराज से श्राद्ध करने का आदेश दिया था। इस प्रकार श्राद्ध कभी नहीं छोड़ना चाहिए। भोजन दान व अन्न दान तभी फलदायी होता है जब उसे भगवान को अर्पित कर वैष्णव गुरु या वैष्णव ब्राह्मण के माध्यम से किया जाए।
कार्यक्रम में श्री सौरभ प्रभु, कुणाल प्रभु, कल्पतरु गौरांग प्रभु, अनुराग मल्होत्रा, तरुण नैनवाल, भगवान गोस्वामी, कृष्णा प्रभु, आशीष वर्मा, रूबी माता जी, जानकी माता जी, सपना माता जी सहित अनेक भक्त शामिल रहे। इस अवसर पर सेवा कार्यों में योगदान देने वाले भक्तों को सम्मानित भी किया गया।


