फल पट्टी क्षेत्र को कॉन्क्रीट का जंगल वन माफियाओं और भूमफयाओं द्वारा बनाया जा रहा है ।  इन फलदायक बगीचों की सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी किस विभाग की है।

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फल पट्टी क्षेत्र को कॉन्क्रीट का जंगल वन माफियाओं और भूमफयाओं द्वारा बनाया जा रहा है,  इन फलदायक बगीचों की सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी किस विभाग की है।

 

उधम सिंह राठौर  – प्रधान संपादक

 

नैनीताल ज़िले के रामनगर में फल पट्टी क्षेत्र को कॉन्क्रीट का जंगल वन माफियाओं और भूमफयाओं द्वारा बनाया जा रहा है।  इन फलदायक बगीचों की सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी किस विभाग की है।

 

फल उद्यान विभाग लगातार इस फल पट्टी क्षेत्र में पेड़ो को काटने की और लोपिंग की अनुमति दे रहा है, इसी की आड़ को लेकर पुरे -पुरे आम लीची के फलदायक बगीचों नष्ट किया जा रहा है। इन बगीचों को केवल इस कारण से नष्ट किया है की गैरकानूनी तरीके से व नियंम विरुद्ध व्यवसायिक निर्माण कार्य किए जा सकें, और अवैध रूप से इस क्षेत्र अवैध कालोनियां स्थापित हों सकें,

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सूत्रों के अनुसार 2002 से लेकर आज तक जितनीं भी कलोनियों का इस क्षेत्र में निर्माण किया गया वह सभी अवैध हैं। ज़िला फल उद्यान अधिकारी व रामनगर में बैठे अधिकारी योजना के नाम पर और लोपिंग के नाम पर इन बगीचों को कियों नष्ट होने दे रहे हैं। यह सोचनीय विषय है।

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एनएच 309 होटल तियारा के ठीक सामने की ओर एक बगीचे में फलदायक आम के पेड़ों को काटा गया वही जोगिपूरा में भी लोपिंग की परमिशन के नाम पर हरे भरे पेड़ो को काटा जा रहा हे वही आर टी आई वरिष्ट कार्यकर्त्ता अजीम खान ने बताया की माननीय उच्च नायालय के नियमो के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है, नियंम अनुसार इन कटे हुए पेड़ों का परिवहन नहीं किया जा सकता, नियंम के तहत यह कटे हुए पेड़ उसी स्थान पड़े रहेंगें वहीं पर गलेगें और वही पर वहीं सड़ेंगें,

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 2002 से ही बगीचों में काटे गए पेड़ों की निकासी किस नियंम के तहत की जा रही यह भी सोचनीय विषय है।

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