डीलर द्वारा मृतकों के नाम पर सरकारी राशन खाना पड़ गया महंगा।

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उधम सिंह राठोर – प्रधान सम्पादक

लकसर के सेठपुर गांव में डीलर द्वारा मृतकों के नाम पर भी सरकारी राशन के गबन किये जाने का मामला सामने आया है–इस मामले का खुलासा खाद्य विभाग के उपायुक्त की जांच में हुआ है–आरोपी डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। खाद्य विभाग को हाल ही लक्सर से सटे सेठपुर गांव की सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायत पर गढ़वाल मंडल के खाद्य उपायुक्त विपिन कुमार ने दुकान के राशन वितरण की बारीकी से जांच की। जांच में पता चला कि गांव में कई ऐसे लोग हैं, जो लोग सालों पहले मरने के बाद भी हर महीने सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लेने आ रहे हैं। इनके अलावा जांच में पीएमकेजीएन राशनकार्ड धारकों को राशन देना दर्शाया, गया जबकि कार्डधारकों को राशन दिया ही नहीं गया था।

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कोरानाकाल में गरीब उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई मुफ्त राशन वितरण योजना का राशन भी पात्र लोगों को दिए बिना ही रजिस्टर में वितरण दिखाया गया था। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य योजना के राशन वितरण में भी गंभीर कमियां पाई गई। उपायुक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश लक्सर की आपूर्ति निरीक्षण को दिए थे। आदेश पर पूर्ति निरीक्षक बबीता देवी ने कोतवाली पहुंचकर उपायुक्त की 28 पन्नों की जांच रिपोर्ट के साथ ही डीलर के खिलाफ तहरीर दी।

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कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि तहरीर पर सेठपुर के राशन डीलर मांगेराम पुत्र रोढामल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही हे। उधर, जिला आपूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि सेठपुर में सस्ते गल्ले की दुकान को निलंबित करने के आदेश भी दे दिए हैं।

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