ढुगशिल की पहाड़ी हर साल धीरे-धीरे भूस्खलन की चपेट में जल विज्ञान संस्थान एवं भूगर्भीय संस्थान टीम से समाज सेवी बृजवासी ने की इस पहाड़ी का अध्ययन कराने की मांग।

उधम सिंह राठौर प्रधान सम्पादक 

भीमताल नगर क्षेत्र के समीप ग्राम सभा ढुगशिल, खैरोला की पहाड़ी पिछले कुछ सालों से भयंकर भूस्खलन की चपेट में है। इस पहाड़ी से प्रत्येक वर्ष काफी बड़ी मात्रा में पत्थर मिट्टी आदि बहकर भीमताल झील से निकलने वाले नाले के द्वारा बह कर गोला में पहुंच जा रहा है। भूस्खलन के चलते इस पहाड़ी के नीचे बसें खैरोला गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक भूस्खलन के कारण पहाड़ी से एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है। हर वर्ष बरसात में इस पहाड़ी से और खतरा बढ़ रहा है। जहां धीरे-धीरे करके पहाड़ी दरक रही है वहीं भविष्य में काफी बड़ा हिस्सा गिरने का भी खतरा है। वहीं इस भूस्खलन के चलते तल्लीताल, ढूंगशील, खेरोला क्षेत्र को भी खतरा है। नगर के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया जिस जगह से ये पहाड़ी खिसक रही है। वह पहाड़ी भीमताल झील के लिये एक दीवार का कार्य करती है।

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इस पहाड़ी के ठीक पीछे भीमताल झील है। बरसात के दिनों में जब झील का स्तर अधिकतम होता है तब भूस्खलन वाले क्षेत्र से पानी की धाराएं भी बहती हुई दिखाई देती है। हालांकि पहाड़ी में भूस्खलन अभी प्रारंभिक अवस्था में है यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया तो नैनीताल में बलियानाले की तरह यह विकराल रूप ले सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस गिरती हुई पहाड़ी का जल विज्ञान संस्थान एवं भूगर्भीय संस्थान से निरीक्षण कराने कि माँग की है ताकि पहाड़ी के दरकने का कारण और उसके रोकथाम का प्रयास किया जा सके।

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बृजवासी ने कहाँ जिस पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है उसके ऊपर ढूंगशील एवं उसके नीचे खैराला गांव, सलड़ी आदि आता है। हमारी मांग है कि इस पहाड़ी के दरकने का कारण भी तत्काल खोजा जाये ताकि इसके रोकथाम के प्रयास इसके खतरनाक होने से पूर्व शासन-प्रशासन द्वारा कर दिये जायें।

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