G 20 समिट के दूसरे दिन आज 18 देशों के प्रतिनिधियों की राउंड टेबल कांफ्रेंस हुई।

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उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर -:प्रिंसिपल साइंस एडवाइजर अजय कुमार सूद ने जी-20 सीएसआर समिट के समापन सत्र के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज समापन सत्र तक 4 बड़े मुद्दों पर चर्चा की गई जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा कोविड-19 को लेकर के उभर कर सामने आया इसमें सभी सदस्य देशों ने इस तरह की बीमारी से उबरने के लिए चर्चा की साथ ही मानव तथा वन्य जीव एवं पालतू पशुओं को लेकर के भी इस बीमारी से निपटने के लिए चर्चा की गई इस सत्र में सबसे अधिक चर्चा कोविड-19 ने सभी की आंखें का खोलने का काम किया तथा।

 

 

 

बदलते मौसम को लेकर के भी इस सत्र में चर्चा की गई जिसमें नई नई बीमारी तथा उससे निपटने वाले वैक्सीनेशन के लिए भी बात हुई तथा वाइल्डलाइफ इससे प्रभावित ना हो तथा वन्यजीव एवं पालतू पशु प्रभावित हो इस पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सिटीवेस्ट के आधार पर भी विभिन्न बीमारियों की भी जांच की जाए इस पर भी विचार किया गया।

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कांफ्रेंस के बाद प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने सभी वैज्ञानिकों के साथ ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि पूरी कॉन्फ्रेंस में चार मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिनमें पहला स्वास्थ्य रहा की आगामी कोई भी बड़ी बीमारी से कैसे निपटा जाए, दूसरा पूरी दुनिया तक विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई।

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तीसरा विज्ञान स्तर पर प्रयासों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविधता और समानता लाना, चौथा विज्ञान को अपने बीच में रखकर सभी देश अपनी लीडरशिप तक ये हमारा नेचर बन जाए, इसके बाद अब अगली बैठक अगस्त में होगी जिस पर फिर गहनता से चर्चा होगी, वही विश्व के कई देशों से आए वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम को स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा कारण माना जिस पर गहन रूप से चर्चा भी हुई। वही आज राउंड द टेबल कॉन्फ्रेंस के बाद अब गाला डिनर होगा और कल सभी विदेशी प्रतिनिधि बिजरानी गेट से कॉर्बेट पार्क का भ्रमण करेंगे।

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4 विषयों पर कांफ्रेंस में हुई विस्तार रूप से चर्चा

अगली बैठक अगस्त में होगी जिस पर फिर गहन चर्चा होगी। स्वास्थ्य रहा पहला विषय की आगामी परेशानियों से कैसे निपटा जाए वन हेल्थ पर मंथन हुआ। दूसरा पूरी दुनिया तक विज्ञान से जुड़ी जानकारियां को जन जन तक पहुंचाना। तीसरा विश्व स्तर पर प्रयासों के बीच विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविधता, समानता चौथा विज्ञान को अपने बीच मे रखकर अपनी लीडरशिप तक आवाज पहुंचाए सभी देश, वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम को माना एक बड़ा कारण जिससे स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा बड़ा असर।

 

 

 

 

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