सीतावनी ज़ोन को लेकर ग्रामीण व कॉर्बेट वेलफेयर एसोसिएशन आमने-सामने।

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उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

.रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत पड़ने वाले सीतावनी ज़ोन को लेकर ग्रामीण व कॉर्बेट वेलफेयर एसोसिएशन आये आमने-सामने!जिसको लेकर वन विभाग के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गयी है. बता दें कि आज रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत पड़ने वाले सितावनी जोन में लिमिटेशन को बरकरार रखने के पक्ष में दर्ज़नो ग्रामीणों ने भण्डारपानी गेट पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है. ग्रामीणों ने कहां कि अगर वन विभाग इस लिमिटेशन को हटाता है तो अमगड़ी,पाटकोट,भलोंन,डॉन परेवा आदि के ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहाँ कि रामनगर पाटकोट मोटर मार्ग पर पर्यटन के नाम पर जिप्सियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशान किया जाता है. उक्त मोटर मार्ग पर लगभग 15 से 18 ग्राम सभाओं के लोगों की आवाजाही है.ग्रामीणों ने कहा प्रतिदिन 150 से 200 जिप्सियां जब उक्त मार्ग पर पर्यटकों को पर्यटन के नाम पर जिप्सी चालकों द्वारा घुमाया जाता है. जिससे स्थानीय ग्रामीणों को जाम की स्थिति से गुजरना पड़ता है.

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ग्रामीणों ने कहा कि कॉर्बेट पार्क की तर्ज पर ही इस गेट को भी संचालित किया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि जैसे बरसातों में 15 जून को सभी गेट बंद हो जाते हैं इस गेट पर भी जिप्सियों की आवाजाही के लिए बंद करना चाहिए,लेकिन पीडब्ल्यूडी की रोड पर लगातार जिप्सियां बरसात भर चलती है,ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया गया कि कुछ जिप्सी चालकों द्वारा सितावनी जोन में घुमाने के नाम पर पीडब्ल्यूडी की रोड पर घुमाकर धोखाधड़ी भी की जाती है.

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ग्रामीणों ने कहां कि अगर लिमिटेशन हटाया गया तो उग्र आंदोलन करते हुए टेड़ा गेट पर तालाबंदी करते हुए रामनगर पाटकोट मार्ग को पूर्णतः बन्द कर दिया जाएगा.
बता दें रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत पड़ने वाले सितावनी पर्यटन ज़ोन में वन विभाग द्वारा पिछले माह में जिप्सियों की लिमिटेशन कर दी थी. जिस क्रम में 100 जिप्सियां सुबह की पाली और 100 जिप्सियां शाम की पाली में दो अलग अलग जगह से पर्यटकों को भ्रमण पर लेकर जाती हैं. इस लिमिटेशन को हटाने को लेकर जहां एक तरफ कॉर्बेट वेलफेयर एसोसिएशन के लोग धरने पर बैठे हैं, उनका कहना है कि पीडब्लूडी की रोड पर भ्रमण की अनुमति दी जाए.

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वहीं आज उस क्षेत्र के ग्रामीण भी क्रमिक अनशन पर बैठ गए है,इन दोनों के ही बैठने से वन विभाग के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है.

 

 

 

 

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