पाटकोट में 43वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का शराब के ठेके के खिलाफ धरना, ग्रामवासियों के समर्थन में उठी एकजुट आवाज, कहा—”शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे”

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पाटकोट में 43वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का शराब के ठेके के खिलाफ धरना, ग्रामवासियों के समर्थन में उठी एकजुट आवाज, कहा—”शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे”


उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

पाटकोट (नैनीताल)। पाटकोट गांव में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीण महिलाओं का संघर्ष मंगलवार को 43वें दिन भी जारी रहा। ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित शराब के ठेके को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर महिलाएं एकजुट होकर धरना स्थल पर डटी रहीं।

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धरने पर बैठी महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक गांव में प्रस्तावित शराब की दुकान को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शराब के ठेके को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

धरने में कविता मेहरा, हेमा मेहरा, चंपा देवी, प्रभावती देवी, मंजू देवी समेत दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं। सभी महिलाओं ने कहा कि गांव को शराब मुक्त रखना ही उनका लक्ष्य है और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

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महिलाओं का कहना है कि शराब से गांव का सामाजिक ढांचा बिगड़ता है, घरेलू हिंसा बढ़ती है, युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता है और पारिवारिक ताने-बाने टूटते हैं। ऐसे में ग्रामवासियों की स्पष्ट इच्छा के विरुद्ध ठेका खोला जाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मामले में ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे धरने को और अधिक व्यापक स्वरूप देने को बाध्य होंगे। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करेगी और पाटकोट ग्राम पंचायत के साथ न्याय करेगी।