रोशनी पांडेय – सह सम्पादक
रामनगर में हजारों की संख्या में लोगों ने रैली निकाली और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जाकर धरना प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि रामनगर विधानसभा के अंतर्गत 24 ग्राम हैं और 18000 वोटर है जो सभी वन ग्राम के अंतर्गत आते हैं जिसमें खत्ता, टोंगिया, आदि भिन्न – भिन्न स्थानों पर बसे है। जो आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है और ना ही उनको राजस्व गांव का दर्जा दिया गया है।

24 गांव के प्रधान का कहना था कि आज ही नहीं बल्कि पूर्व में भी हमारे द्वारा दर्जनों बार जलूस और धरना प्रदर्शन किया जा चूका है पूर्व में जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी तब हमने 25 दिन प्रशासनिक भवन रामनगर में धरना प्रदर्शन किया। उस वक्त भी हमारी समस्याएं अब तक समस्या ज्यों की त्यों है। लगभग साढे 4 साल बीत जाने के बाद हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ। हमने अपनी सारी समस्याओं के बारे में स्थानीय विधायक और आला अधिकारियों को बताया था और आज भी हमारे द्वारा स्थानीय विधायक को इस धरने पर बुलाया गया है। अगर हमारे द्वारा रहने के लिए झोपड़ी बनाई जाती है उनको वन विभाग द्वारा तोड़ दिया जाता है। हमारे 24 गांव और लगभग 18000 वोटर हैं और हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

वहीं स्थानीय विधायक का क्या नाम था अगर कोई चुनाव का बहिष्कार का बहिष्कार करता है तो उससे किसी भी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। इन लोगों को अपना धरना प्रदर्शन शांति पूर्व करना चाहिए।

















