जंगलों का कातिल कौन? पतरामपुर में साल के पेड़ों का कत्लेआम, विभाग की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल! जंगलों के दुश्मनों पर मेहरबान कौन? पतरामपुर में धड़ल्ले से कट रहे साल के पेड़

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जंगलों का कातिल कौन? पतरामपुर में साल के पेड़ों का कत्लेआम, विभाग की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल!

 

जंगलों के दुश्मनों पर मेहरबान कौन? पतरामपुर में धड़ल्ले से कट रहे साल के पेड़

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

जसपुर के पतरामपुर क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें जंगलों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल रही हैं। आरोप है कि इमारती लकड़ी के तस्कर वन विभाग की कथित मिलीभगत से साल के हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से आरी चला रहे हैं। जंगलों में खुलेआम हो रही इस कटाई के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पतरामपुर के घने जंगल सिर्फ कागजों में ही बचेंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में लकड़ी माफिया जंगलों को उजाड़ने में जुटे हैं?

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हर दिन कटते पेड़ों के साथ पर्यावरण भी दम तोड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वन संपदा की लूट पर पर्दा डाला जा रहा है? क्या जंगलों के दुश्मनों को किसी का संरक्षण प्राप्त है?
अब निगाहें उत्तराखंड सरकार, वन विभाग और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami पर टिकी हैं। देखना होगा कि जंगलों के इस “कत्लेआम” पर कब तक कार्रवाई होती है और दोषियों पर कब गाज गिरती है।
अगर आज जंगल नहीं बचाए गए, तो आने वाली पीढ़ियां ऑक्सीजन खरीदने को मजबूर होंगी और हरे-भरे जंगल सिर्फ इतिहास बनकर रह जाएंगे।