उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम, पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने और नागरिक उड्डयन ढांचे का विस्तार करने की दिशा में बड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रदेशभर में हेलिपोर्ट, हेलीपैड और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) नेटवर्क का व्यापक विस्तार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएं जीवनरेखा हैं। उन्होंने देहरादून को सभी जिला मुख्यालयों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ने, पौड़ी में नियमित हवाई सेवा शुरू करने तथा पर्यटन नगरी लैंसडाउन को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर शीघ्र कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में उधमसिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की पहली एविएशन एकेडमी और पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में शीघ्र एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। साथ ही युकाडा को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ समन्वय कर पूरे प्रदेश में एटीसी नेटवर्क विकसित किया जाए, जिससे हवाई सेवाएं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकें।
हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए प्रदेशभर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए भारत मौसम विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रदेश को हेलिपोर्ट और हेलीपैड से “सैचुरेट” किया जाए। उन्होंने गुंजी और आदि कैलाश में बढ़ते पर्यटन को देखते हुए एयर स्ट्रिप अथवा हेलीपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।
बैठक में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने पूरे कुमाऊं क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी का समग्र खाका तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही भारत सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत सभी जिलों के लिए नए हवाई मार्ग प्रस्तावित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, युकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




