खटीमा, मसूरी, मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा देने अंकिता भंडारी -जगदीश चंद्र हत्याकांड के दोषियों को फांसी देने, परिजनों को न्याय देने की मांग को लेकर एक सभा का आयोजन किया।

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उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर – खटीमा मसूरी मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा देने अंकिता भंडारी -जगदीश चंद्र हत्याकांड के दोषियों को फांसी देने, परिजनों को न्याय देने की मांग को लेकर राजनीतिक दलों एवं जन संगठनों के उत्तराखंड बंद के आवाहन पर आज राज्य आंदोलनकारियों एवं जन संगठनों की अपील पर रामनगर में भी व्यापारियों ने स्वैच्छिक बंद रखकर बंद में सहयोग दिया। शहीद पार्क लखनपुर में राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की केंद्रीय उपाध्यक्ष के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा अपराधियों माफियाओं को संरक्षण दिए जाने पर चिंता जतायी। वक्ताओं ने 28 साल बाद भी रामपुर तिराहे के दोषियों को सजा ना दिलाए जाने पर कांग्रेस भाजपा की सरकारों को जमकर कोसा। वक्ताओं ने अंकिता भंडारी एवं जगदीश चंद्र हत्याकांड में हत्यारों का सीधा संबंध भाजपा एवं उत्तराखंड सरकार से है।

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भाजपा उत्तराखंड सरकार एवं प्रशासन द्वारा शुरू से लापरवाही की गई तथा साक्ष्यों को मिटाने का काम कर रही है। इससे पहले 1 अक्टूबर की शाम को उत्तराखंड बंद को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल ,उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, इंकलाबी मजदूर केंद्र, समाजवादी लोक मंच, महिला एकता मंच, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से जुड़े लोगों द्वारा शहीद पार्क लखनपुर से रानीखेत रोड, कोसी रोड, ज्वाला लाइन होते हुए भगत सिंह चौक भवानीगंज तक मशाल जुलूस निकाला।

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संगठनों से जुड़े लोगों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों, अंकिता भंडारी एवं जगदीश चंद्र को 2 मिनट मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। उत्तराखंड बंद एवं को सफल बनाने एवं मशाल जुलूस में प्रभात ध्यानी,  इंद्र सिंह मनराल, मनमोहन अग्रवाल, ललित उपरेती, नवीन नैथानी, सभासद भुवन डंगवाल, रेवी राम, लालमणि, योगेश सती, हरी मोहन मोहन, पान सिंह नेगी,

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चिंताराम, रईस अहमद, कौशल्या, किरण आर्य, तुलसी छिम्बाल, सरस्वती जोशी, राजेंद्र खुल्बे, बीडी नैनवाल, चिंताराम, राजेंद्र, दौलतराम ध्यानी, राजेंद्र खुल्बे, नरेंद्र पाठक, मुनीष कुमार, फजल खान, लालता श्रीवास्तव, मोहन तिवारी आदि थे।

 

 

 

 

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