मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नगर निकायों की मलिन बस्तियों के सुधार और पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की जिसमें कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मलिन बस्तियों के सुधार और पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की जिसमें कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया। रोशनी पाण्डेय - प्रधान संपादक मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन राधा रतूड़ी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उत्तराखंड राज्य की नगर निकायों में अवस्थित मलिन बस्तियों के सुधार, नियमितकारण, पुनर्वासन, पुनर्व्यवस्थापन, अतिक्रमण निषेध और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा की, जिसमें कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया। मुख्य सचिव ने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी जनपद के अंतर्गत यदि मलिन बस्तियां हैं, तो उनका सर्वे कर लें, तथा सुनिश्चित कर लें कि उन मलिन बस्तियों का क्षेत्रफल कितना है, और वहां कितने परिवार व सदस्य निवास करते हैं, ताकि उनकी मूलभूत आवश्यकताओं जैसे पानी, बिजली, आवास आदि पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा 15 दिनों के अंदर सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया जाए और इसकी सूचना शासन को भी उपलब्ध कराएं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नगर निकायों की मलिन बस्तियों के सुधार और पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की जिसमें कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

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मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन राधा रतूड़ी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उत्तराखंड राज्य की नगर निकायों में अवस्थित मलिन बस्तियों के सुधार, नियमितकारण, पुनर्वासन, पुनर्व्यवस्थापन, अतिक्रमण निषेध और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा की, जिसमें कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया।

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मुख्य सचिव ने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी जनपद के अंतर्गत यदि मलिन बस्तियां हैं, तो उनका सर्वे कर लें, तथा सुनिश्चित कर लें कि उन मलिन बस्तियों का क्षेत्रफल कितना है, और वहां कितने परिवार व सदस्य निवास करते हैं,

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ताकि उनकी मूलभूत आवश्यकताओं जैसे पानी, बिजली, आवास आदि पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा 15 दिनों के अंदर सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया जाए और इसकी सूचना शासन को भी उपलब्ध कराएं।