काशीपुर चैती मेला: महंगी दुकानों से परेशान हुए दुकानदार, आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया,  मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।

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काशीपुर चैती मेला: महंगी दुकानों से परेशान हुए दुकानदार, आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया,  मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

काशीपुर (उधम सिंह नगर):
पौराणिक महत्व वाला चैती मेला इस बार दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दुकानों के महंगे किराए को लेकर व्यापारियों में रोष है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले वर्षों में यह ऐतिहासिक मेला धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ जाएगा।

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दुकानदारों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों की मनमानी के चलते दुकानों की कीमतें आसमान छू रही हैं। कई वर्षों से इस मेले में भाग ले रहे व्यापारियों का कहना है कि पहले पांडा परिवार के समय उन्हें बहुत कम किराए पर दुकानें मिलती थीं। लेकिन अब वही छोटी-छोटी दुकानें हजारों रुपये में दी जा रही हैं, जिससे उनकी आमदनी और खर्च का संतुलन बिगड़ गया है।

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एक दुकानदार ने कहा, “पहले हमें जो दुकानें कुछ सौ रुपये में मिल जाती थीं, अब उन्हीं के लिए हमें हजारों चुकाने पड़ रहे हैं। महंगे किराए की वजह से मुनाफा नहीं हो पा रहा और कई दुकानें खाली पड़ी हैं।”

चैती मेले का पौराणिक महत्व भी है। इतिहासकारों के अनुसार यह मेला महाभारत काल से जुड़ा हुआ है और इसे 51 शक्तिपीठों में से एक स्थान माना जाता है। पहले इसका संचालन पांडा परिवार करता था, लेकिन अब इसका नियंत्रण सरकार के हाथ में है।

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दुकानदारों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाएं। व्यापारियों की मांग है कि दुकानों के किराए को कम किया जाए ताकि यह ऐतिहासिक मेला अपनी गरिमा के साथ आगे भी चलता रहे।


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