राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने पर आक्रोश, कुमाऊं से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा मुख्यमंत्री धामी से।

राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने पर आक्रोश, कुमाऊं से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा मुख्यमंत्री धामी से।
ख़बर शेयर करें -

राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने पर आक्रोश, कुमाऊं से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा मुख्यमंत्री धामी से।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर/लखनपुर,  उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों को सरकारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने पर राज्यभर में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी को लेकर शनिवार को लखनपुर में उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी परिषद की एक बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता रामनगर इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी ने की।

यह भी पढ़ें 👉  महिला ब्लॉगर ज्योति अधिकारी पर एक और मुकदमा दर्ज, इसके साथ पति व अन्य लोगों पर भी हुई FIR* *SSP नैनीताल मंजुनाथ का सख्त सन्देश सार्वजनिक स्थान पर गुंडागर्दी, हुड़दंग और हमला कतई बर्दाश्त नहीं*

बैठक में परिषद के अध्यक्ष भुवन जोशी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षैतिज आरक्षण का कानून बनने के बावजूद राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को इसका कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की उपेक्षा बताया और कहा कि इससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश है।

यह भी पढ़ें 👉  🚨 लाइव आकर आत्महत्या की धमकी देने वाली ज्योति अधिकारी काठगोदाम जंगल से सकुशल बरामद — सोशल मीडिया पर चर्चा, क्या फॉलोवर बढ़ाने या पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश?

परिषद के संरक्षक पान सिंह रौतेला ने जानकारी दी कि आंदोलनकारियों के हितों की रक्षा के लिए “उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी परिषद” नाम से संस्था के पंजीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है और पूरे प्रदेश में संपर्क अभियान चलाकर आंदोलनकारियों को संगठन से जोड़ा जा रहा है।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि आंदोलनकारियों की समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा जाएगा। इसके लिए कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलेगा।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, कहा— जागरूकता का सशक्त माध्यम।

इस अवसर पर परिषद के सचिव प्रभात ध्यानी, इंद्र सिंह मनराल, पान सिंह नेगी सहित कई राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे। बैठक में सम्मेलन आयोजन और आगामी रणनीति को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।