शीतकाल में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, पांडुकेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
चमोली जनपद में शीतकालीन यात्रा इन दिनों अपने चरम पर है। शीतकाल के दौरान भगवान बद्री विशाल की पूजा-अर्चना मुख्य रूप से पांडुकेश्वर गांव में स्थित भगवान कुबेर एवं भगवान उद्धव के मंदिरों में की जाती है।
यहां प्रतिदिन प्रातः 4:00 बजे विधि-विधान के साथ विशेष आरती एवं पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। शीतकालीन यात्रा के चलते भगवान कुबेर और भगवान उद्धव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यहां पहुंचकर दिव्य दर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान उद्धव जी और भगवान कुबेर जी के दर्शन से उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति हो रही है। साथ ही पांडुकेश्वर की आध्यात्मिक वातावरण में पहुंचकर वे स्वयं को बेहद प्रसन्न और सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।
शीतकालीन यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु कठिन मौसम के बावजूद अपनी आस्था को जीवंत रखते हुए देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं से जुड़ रहे हैं।


