डिजिटल क्रॉप सर्वे से बदलेगी खेती की तस्वीर, ग्रामीणों को किया गया जागरूक।

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डिजिटल क्रॉप सर्वे से बदलेगी खेती की तस्वीर, ग्रामीणों को किया गया जागरूक।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

कालाढूंगी (नैनीताल)।
तहसील कालाढूंगी अंतर्गत ग्राम हिम्मतपुर गैबुआ में डिजिटल क्रॉप सर्वे की उपयोगिता और लाभों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में राजस्व उप निरीक्षक तारा चन्द्र घिल्डियाल ने किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की महत्ता समझाते हुए इसे सरकार की एक दूरगामी और किसान हितैषी पहल बताया।

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राजस्व उप निरीक्षक घिल्डियाल ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे भारत एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत किसानों के खेतों में बोई गई फसलों का वास्तविक समय में सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परंपरागत मैन्युअल गिरदावरी प्रणाली के स्थान पर अब मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल सर्वे लागू किया जा रहा है, जिससे फसल संबंधी आंकड़े अधिक पारदर्शी, तेज़ और विश्वसनीय होंगे।

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उन्होंने जानकारी दी कि यह सर्वे डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और एग्रीस्टैक (AgriStack) जैसी राष्ट्रीय योजनाओं का हिस्सा है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, बैंक ऋण, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी अड़चन के मिल सकेगा।

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घिल्डियाल ने ग्रामीणों से अपील की कि सर्वे के दौरान सही जानकारी दें और इस डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके। ग्रामीणों ने इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक और भविष्यदर्शी कदम बताया।


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