जंगलों में छोड़ा जा रहा गंदा पानी बना चिंता का विषय, वन्यजीवों और लोगों की सुरक्षा पर खतरे की आशंका।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
Kaladhungi क्षेत्र के जंगलों में छोड़े जा रहे गंदे पानी को लेकर अब पर्यावरण प्रेमियों और नेचर गाइडों ने चिंता जताई है। यह मामला केवल प्रदूषण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वन्यजीवों, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
जिम कॉर्बेट नेचर गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष Vinod Budhani ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो दूषित पानी के कारण कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसका असर जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जंगल और प्रकृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। ऐसे में संबंधित विभागों को इस मामले में गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही हेरिटेज सफारी गाइडों से भी इस मुद्दे को जिम्मेदारी के साथ उठाने की अपील की गई है।
नेचर गाइड एसोसिएशन ने विशेष रूप से वन विभाग से मामले की जांच कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सकें।
“स्वच्छ जंगल — सुरक्षित वन्यजीव — स्वस्थ समाज” के संदेश के साथ प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील भी की गई है।


