मसूरी के बाद अब नैनीताल में लगेगा चिंतन शिविर, आधारभूत संरचना, निवेश, आजीविका और सुशासन पर होगा मंथन।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल, 2 अप्रैल 2025 (सूवि)। उत्तराखंड सरकार द्वारा आगामी 25 से 27 अप्रैल तक सरोवर नगरी नैनीताल में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। मसूरी में हुए चिंतन शिविर के बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन होगा, जिसमें नीति आयोग के प्रतिनिधि, निवेशक, प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आधारभूत संरचना में सुधार, निवेश बढ़ाने, आजीविका के साधन विकसित करने और सुशासन को मजबूत करने पर मंथन करना है।
शिविर की तैयारियों का लिया जायजा
बुधवार को प्रमुख सचिव, नियोजन विभाग उत्तराखंड शासन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने नैनीताल पहुंचकर चिंतन शिविर की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने डा. आर.एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एटीआई के महानिदेशक डॉ. बी.पी. पांडे के साथ भी बैठक कर शिविर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
राज्य को सर्वश्रेष्ठ बनाने की पहल
प्रमुख सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। दो वर्ष पूर्व मसूरी में आयोजित चिंतन शिविर के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब नैनीताल में यह आयोजन किया जा रहा है।
किन मुद्दों पर होगा मंथन?
इस चिंतन शिविर में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा होगी—
✅ आधारभूत संरचना: राज्य में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएँ।
✅ निवेश वृद्धि: उत्तराखंड में अधिक निवेश आकर्षित करने के उपाय।
✅ आजीविका और संसाधन: स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार और अवसरों का सृजन।
✅ सुशासन: प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की रणनीति।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिलाधिकारी वंदना, निदेशक नियोजन उत्तराखंड मनोज पंत, मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार पांडे, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, सचिव जिला विकास प्राधिकरण विजयनाथ शुक्ल, संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










