सातवें पोषण माह का समापन: गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण किट का वितरण।

सातवें पोषण माह का समापन: गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण किट का वितरण।
ख़बर शेयर करें -

सातवें पोषण माह का समापन: गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण किट का वितरण।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हल्द्वानी, 30 सितंबर 2024 – महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सातवें पोषण माह का समापन आज हल्द्वानी के अग्रसेन भवन में किया गया। इस वर्ष की थीम “सुपोषित किशोरी, सशक्त नारी” के अंतर्गत पूरे माह विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें किशोरियों और महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  ‘संस्कृति, सम्मान और सौगात: जनजातीय महोत्सव में दिखा धामी सरकार का विजन।

 

समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बेला तोलिया मुख्य अतिथि रहीं, जबकि ब्लॉक प्रमुख श्रीमती रूपा देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। इस अवसर पर 27 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई और उन्हें पोषण युक्त टोकरी प्रदान की गई। साथ ही, 30 कुपोषित बच्चों को पोषण किट और 30 बच्चों को ड्राइंग किट वितरित किए गए।

 

 

कार्यक्रम के दौरान, अनीमिया जांच और हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण गीत, कविताएं और नाटकों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सम्मानित भी किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  112 पर झूठी चाकूबाजी की सूचना, नशे में युवक ने किया ड्रामा — पुलिस का ₹5000 चालान।

 

 

मुख्य अतिथि श्रीमती बेला तोलिया ने अपने संबोधन में कहा, “पोषण माह का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर समूहों—बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं—के बीच कुपोषण को समाप्त करना है।” विशिष्ट अतिथि श्रीमती रूपा देवी ने कहा, “सही पोषण से ही देश को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाया जा सकता है।”

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर से खटीमा तक जनसैलाब, धामी के स्वागत में उमड़ा जनसागर।

 

कार्यक्रम का संचालन सुपरवाइजर प्रियंका ने किया, जबकि आयोजन में बाल विकास परियोजना अधिकारी शिल्पा जोशी सहित अन्य अधिकारी और सुपरवाइजर जैसे जानकी भट्ट, मीना आर्या, चंद्रा मेहरा आदि उपस्थित रहे।

 

 

यह माह सही पोषण के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समर्पित रहा, जिसमें समुदाय के बीच समग्र स्वास्थ्य, पोषण, और स्वच्छता से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाए गए।

 

4o