फॉग लाइट्स की कमी से बढ़ा सड़क हादसों का खतरा, रोडवेज अधिकारी कब करेंगे समाधान?

फॉग लाइट्स की कमी से बढ़ा सड़क हादसों का खतरा, रोडवेज अधिकारी कब करेंगे समाधान?

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

रामनगर। उत्तराखंड में सर्दियों का मौसम अपने चरम पर है, और कोहरे ने सड़कों पर खतरे की घंटी बजा दी है। सड़कों पर दृश्यता का स्तर गिरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लेकिन रामनगर डिपो की बसों में अब तक फॉग लाइट्स की व्यवस्था पूरी नहीं हो सकी है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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डिपो के बस चालकों ने खुलासा किया कि कई बसों में फॉग लाइट्स तो लगी हैं, लेकिन वे खराब कनेक्शन या तकनीकी दिक्कतों के कारण काम नहीं कर रहीं। चालक खुद भी इस स्थिति से परेशान हैं क्योंकि कोहरे के बीच सही मार्ग देख पाना मुश्किल हो गया है।

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रोडवेज अधिकारी आनंद प्रकाश का कहना है कि फॉग लाइट्स को जल्द ही सक्रिय कर दिया जाएगा। हालांकि, यह वादा कब पूरा होगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

 

यात्रियों की सुरक्षा दांव पर

कोहरे का मौसम पहले से ही सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। ऐसे में फॉग लाइट्स जैसी सुरक्षा सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए मौत का सफर बन सकती है।

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अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस लापरवाही को सुधारेगा, या फिर यात्री यूं ही असुरक्षित सफर करने को मजबूर रहेंगे?