मणिपुर की घटना पर आइसा, नौजवान सभा ने मनाया प्रतिवाद दिवस, मांगा गृहमंत्री व मुख्यमंत्री का इस्तीफा…

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मणिपुर की घटना पर आइसा, नौजवान सभा ने मनाया प्रतिवाद दिवस, मांगा गृहमंत्री व मुख्यमंत्री का इस्तीफा…

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

मणिपुर में नफ़रती भीड़ द्वारा कुकी महिलाओं पर यौन हमले की वीभत्स घटना पर आइसा व नौजवान सभा ने प्रतिवाद दिवस मनाते हुए पीड़ितों को न्याय की मांग की। पुछड़ी व पटरानी में हुए कार्यक्रमो में वक्ताओं ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफे की मांग भी की। आइसा नगर अध्यक्ष सुमित ने कहा मणिपुर की कूकी महिलाओं की बर्बर नग्न परेड व यौन हिंसा का वह वीडियो भाजपा के “डबल इंजिन शासन” की असलियत को उजागर कर संघ ब्रिगेड की भीड़ हिंसा की संस्कृति की खौफनाक सच्चाई को सामने ला रहा है.प्रधानमंत्री की इतने दिनों तक की चुप्पी ने इस अपराध की गंभीरता को बढ़ा दिया है।

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अगर उन्हें सचमुच लग रहा है कि जो हुआ वह “शर्मनाक” है और “मणिपुर की बेटियों” को न्याय देंगे तो कम से कम मानवता के विरुद्ध हुए इन अमानवीय अपराधों और मणिपुर में शासन की पूर्ण विफलता के लिए मणिपुर के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने को कहें।

 

 

इंकलाबी नौजवान सभा की ब्लाक सहसंयोजक रेखा बाराकोटी ने कहा दो कुकी महिलाओं पर भीड़ द्वारा यौन हमले की वीभत्स घटना का सामने आया वीडियो 04 मई का है.मणिपुर के कांगपोकपी जिले में यह घटना उस वक्त घटित हुई, जब ये महिलाएं अपने परिजनों के साथ, उनके गांवों को आग लगाती भीड़ से बचने के लिए नजदीकी इलाके में जाने की कोशिश कर रही थी. इन महिलाओं के कपड़े उतार दिये गए और इन्हें नग्न अवस्था में घूमने के लिए मजबूर किया गया. इन महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, ‘बदले’ की कार्यवाही के तौर पर किया गया.रिपोर्ट तो यह भी है कि इन बलात्कार पीड़ित महिलाओं के पुरुष परिजनों की भीड़ ने हत्या कर दी. पुलिस या मणिपुर सरकार द्वारा इस भयावह घटना के मामले में बिना कार्यवाही किये दो महीने से अधिक बीत गए. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तारियां हो रही हैं।

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हेमा जोशी ने कहा मणिपुर मई के महीने से जल रहा है, लगभग 150 लोगों की मौत हो चुकी है और जातीय हिंसा के चलते हज़ारों लोग अपनी जगहों से उजड़ चुके हैं.मणिपुर और केंद्र सरकार, मणिपुर के लोगों, खास तौर पर आदिवासियों की रक्षा करने में विफल रहे हैं.मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, कुकी- जो समुदाय को विदेशी बताने वाले विमर्श को आगे बढ़ाते हुए, खुद भी आदिवासियों के खिलाफ घृणा फैलाने में शामिल हैं।

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इस दौरान नीलम, रिंकी, पूजा, अंजली, कृष्णा, साहिल, रेखा बाराकोटी, सुमित, शबनम, हेमा जोशी, अमन कुमार, आदि रहे।


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