गर्जिया मंदिर समिति पर करणी सेना का विस्फोट, SDM से कब्जा हटाने की मांग।
26 साल से कब्जे का आरोप, गर्जिया मंदिर समिति पर कर्णी सेना का हमला, समिति पर कब्जे और वसूली के लगाए आरोप।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। गर्जिया देवी मंदिर को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को कर्णी सेना ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर गर्जिया मंदिर समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान बालाजी महाराज की मूर्ति स्थापना, मंदिर समिति की कार्यप्रणाली और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर कर्णी सेना, मंदिर समिति और मंदिर के पुजारियों के बीच तीखी बहस हुई। पूरे घटनाक्रम के दौरान एसडीएम कार्यालय का माहौल गर्म बना रहा।
कर्णी सेना ने मंदिर समिति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समिति पिछले 26 वर्षों से बिना लीज नवीनीकरण के मंदिर परिसर पर कब्जा जमाए बैठी है, जबकि नियमों के अनुसार हर पांच वर्ष में लीज का नवीनीकरण आवश्यक है। संगठन का आरोप है कि विभागीय नियमों को नजरअंदाज कर लंबे समय से मनमानी की जा रही है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि धर्मशाला और अन्य सुविधाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से भारी सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। कर्णी सेना ने इसे आस्था के नाम पर खेल बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
वहीं बालाजी महाराज की मूर्ति स्थापना को लेकर भी विवाद गहरा गया। कर्णी सेना और मंदिर समिति के बीच इस मुद्दे पर जमकर नोकझोंक हुई, जबकि मंदिर के पुजारियों ने धार्मिक परंपराओं और मंदिर की मर्यादा का हवाला देते हुए निर्णय लेने की बात कही।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कर्णी सेना ने मांग की कि गर्जिया मंदिर समिति की लीज तत्काल निरस्त कर मंदिर संपत्ति का कब्जा विभाग अपने अधीन लिया जाए और समिति को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
करणी सेना ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो रामनगर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
घटनाक्रम के बाद रामनगर में धार्मिक और सियासी माहौल गरमा गया है, जबकि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।




