कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, और तहसीलदारों के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, और तहसीलदारों के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की।
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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, और तहसीलदारों के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की।

 

उधम सिंह राठौरप्रधान संपादक

 

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कैंप कार्यालय, हल्द्वानी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुमाऊं मंडल के समस्त जनपदों के जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसीलदार की कोर्ट में लंबित मामलों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा की।

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कुमाऊं आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीनस्थ कोर्टों का रोस्टर अनुसार निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आयी खामियां को दूर किया जाए। ऐसे मामले जो विगत तीन वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं, उनकी सुनवाई के लिए लंबी तारीख न दी जाए और शीघ्र उनका निस्तारण किया जाए।

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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने निर्देशित किया कि राजस्व कोर्ट से संबंधित मामलों को आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज किया जाए ताकि वादकारियों में पारदर्शिता बनी रहे और वह वाद की वस्तुस्थिति से भी भिज्ञ रहें।

 

 

इस दौरान यह भी निर्देश दिए की दाखिल खारिज से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि क्रेता का संबंधित जमीन पर कब्जा है या नहीं। इससे लैंड्स फ्रॉड के मामलों में भी कमी आएगी।

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दीपक रावत ने निर्देशित किया कि प्रायः देखा जाता है कि भूस्वामी द्वारा भूमि बैंक में बंधक रखी होती है, उस पर कर्जा लिया होता है, कर्जा दिए बगैर ही वह भूमि अन्य को विक्रय कर दी जाती है। ऐसे मामलों में कड़ाई से निपटने की आवश्यकता है।