“किताबों के नाम पर लूट! DM के छापे से स्कूलों में मचा डर”
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल जिले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मंगलवार अपराह्न बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए सभी तहसीलों में स्टेशनरी (किताब) की दुकानों पर आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। परगनाधिकारियों की टीमों ने हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, कोटाबाग, बेतालघाट और कैंची धाम क्षेत्रों में व्यापक जांच की।
🔍 क्या-क्या जांचा गया?
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए गहन पड़ताल की कि—
- कहीं स्कूल छात्रों को किसी एक निर्धारित दुकान से किताब खरीदने के लिए बाध्य तो नहीं कर रहे
- निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें जबरन तो नहीं थोपी जा रहीं
- NCERT की किताबें उपलब्ध हैं या नहीं
- दुकानदार प्रिंट रेट से अधिक कीमत तो नहीं वसूल रहे
⚠️ हल्द्वानी में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
हल्द्वानी क्षेत्र में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—
- कई स्कूलों में NCERT के अलावा महंगी निजी किताबें अनिवार्य की गईं
- मूल्य सूची के अनुसार निजी पुस्तकों के दाम NCERT से काफी ज्यादा पाए गए
- प्ले ग्रुप, नर्सरी, LKG, UKG से लेकर आगे की कक्षाओं में भी महंगी किताबों का दबाव
इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भेज दी है।
🏫 मान्यता पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि कई विद्यालय प्ले ग्रुप, नर्सरी, LKG, UKG कक्षाएं चला रहे हैं। इनकी मान्यता को लेकर भी शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
📍 अन्य क्षेत्रों में भी जांच
नैनीताल, कैंची धाम और रामनगर समेत अन्य तहसीलों में भी दुकानों की जांच की गई। जहां-जहां खामियां मिलीं, वहां कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
🚨 प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि—
👉 स्कूलों और किताब विक्रेताओं की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी
👉 यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा
👉 कुल मिलाकर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।





