हल्द्वानी में चौराहों और सड़कों के चौड़ीकरण की योजना के लिए बैठक का आयोजन।

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हल्द्वानी में चौराहों और सड़कों के चौड़ीकरण की योजना के लिए बैठक का आयोजन।

 

उधम सिंह राठौरप्रधान संपादक

 

 

हल्द्वानी शहर में प्रस्तावित 13 चौराहों और सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर डीएम वंदना ने वन निगम, लोनिवि, राजस्व और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ कैंप हल्द्वानी में बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने चौराहों के चौड़ीकरण में यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए एसडीएम हल्द्वानी और सिटी मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी नामित होने से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय रहेगा और मौके पर होने वाली समस्याओं का आसानी से निस्तारण होगा।

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इसके साथ ही विभिन्न चौराहों के चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ो के संबंध में डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वन विभाग को पूर्व में भी जिन पेड़ो को ट्रांसप्लांट किया जा सकता है उन्हें ट्रांसप्लांट किया जाने की संभावना पर कार्य करने के निर्देश दिए गए थे, वन विभाग के समन्वय से इसके लिए पेड़ों के ट्रांसप्लांट/relocation कार्य हेतु विशेषज्ञ को बुलाकर पेड़ो का चिन्हीकरण किया जाए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि जहां तक संभव को पेड़ो को ट्रांसप्लांट/relocate किया जाए । Relocation संभव न होने पर ही पेड़ों का कटान किया जाए। विद्युत विभाग के ईई को चौराहों के चौड़ीकरण में आ रहे पेड़ो के कटान हेतु वन निगम के साथ समन्वय हेतु एक अधिकारी नियुक्त करने को कहा जिससे काम में आसानी बनी रहे।

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डीएम ने लोनिवि को निर्देशित किया है कि तीनपानी से नरीमन चौराहे तक हर हाल में ब्लैक टॉप दोनो साइड 10 मीटर होना चाहिए। इसके अतिरिक्त दोनों छोर में जो जगह बचती है वहां नाली, पार्किंग आदि की सुविधाएं विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रायः देखा जाता है विद्युत विभाग सड़क के ब्लैक टॉप के बाद लगती जगह पर पोल शिफ्ट कर देता है जिससे लोग बची हुई जगह में अतिक्रमण कर देते है। इससे बेहतर रहेगा कि विद्युत विभाग हर हाल में अपने पालों को नाली और पार्किंग स्पेस के बाद बची हुई जगह में शिफ्ट करे जिससे भविष्य में होने वाले अतिक्रमण से बचा जा सके।

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इसके साथ हो जितने भी धार्मिक स्थल है उन्हें शिफ्टिंग या ध्वस्तीकरण कार्यवाही के लिए वार्ता करके भूमि के स्वामित्व की स्थिति के अनुसार कार्य किया जाए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई, एस डी एम हल्द्वानी परितोष वर्मा, ईई लोनिवि अशोक चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


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