मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 13 जिलों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, राहत और बचाव व्यवस्था की होगी परीक्षा।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 13 जिलों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, राहत और बचाव व्यवस्था की होगी परीक्षा।
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मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 13 जिलों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, राहत और बचाव व्यवस्था की होगी परीक्षा।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 2 जुलाई को राज्य के सभी 13 जनपदों में अब तक की सबसे व्यापक राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके तहत 66 विभिन्न स्थानों पर राहत एवं बचाव अभ्यास किया जाएगा। खास बात यह है कि इनमें लगभग 95 प्रतिशत स्थान पहली बार इस अभ्यास के लिए चुने गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मॉक ड्रिल का निरीक्षण करेंगे।

 

 

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मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में अंतिम तैयारियों का आकलन करने के लिए टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इस दौरान सभी 13 जिलों और विभिन्न विभागों की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

 

 

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करना, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और वास्तविक आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्यों की क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे मजबूत नींव पूर्व तैयारी है और इस अभ्यास से संभावित कमियों की पहचान कर समय रहते उनका समाधान किया जाएगा।

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टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी आपदाओं की काल्पनिक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति का परीक्षण किया गया। गोताखोरों, जल पुलिस, जेसीबी, बोट, राफ्ट और अन्य आधुनिक उपकरणों के उपयोग के साथ राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी ने सभी जिलों को मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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30 जून को उत्तराखंड में पहुंचा मानसून

बैठक के दौरान मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून के डॉ. रोहित थपलियाल ने बताया कि इस वर्ष मानसून ने 30 जून को उत्तराखंड में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि इस साल सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। जून माह में राज्य में 83 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 132 मिमी है।

बैठक में आईजी अग्निशमन विम्मी सचदेवा, एनडीआरएफ कमांडेंट संतोष कुमार, एसएसबी डीआईजी दुर्गा बहादुर, निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आधुनिक आपदा राहत उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।


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