पाटकोट में शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का धरना 41वें दिन भी जारी, शासन-प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप, पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत का भी दावा।

पाटकोट में शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का धरना 41वें दिन भी जारी, शासन-प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप, पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत का भी दावा।

पाटकोट में शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का धरना 41वें दिन भी जारी, शासन-प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप, पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत का भी दावा।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर। पाटकोट गांव में शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं का धरना रविवार को 41वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि तमाम चेतावनियों और ज्ञापनों के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और लिखित कार्यवाही नहीं की गई है।

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धरना दे रही महिलाओं ने आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ठेकेदार के लोग गांव के युवाओं को मोटा लालच देकर शराब की दुकान खोलने के लिए मनाने का प्रयास कर रहे हैं, और यह सब पुलिस व आबकारी विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा गांव में आकर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि शराब दुकान न खुलने से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई अब उन्हें करनी होगी। ग्रामीण महिलाओं ने इसे सामाजिक माहौल को खराब करने और विरोध करने वालों को डराने की साजिश बताया।

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धरने में शामिल महिलाओं में अंजलि बोस, पूनम रावत, कविता मेहरा, दीपा मेहरा, लीला मेहरा, गुड्डी मेहरा सहित कई अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। उनका कहना है कि जब तक ठेका निरस्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।