उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण तेज, 19 लाख मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून, 16 जुलाई। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी दलों को 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपते हुए अभियान के प्रथम चरण में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, जबकि लगभग 8.26 लाख मतदाता एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में चिन्हित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 11,733 से 12,543 कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को 100-100 फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, उन्हें दोबारा आवेदन का अवसर मिल सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए एक व्यक्ति अधिकतम पांच फॉर्म-7 ही प्रस्तुत कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक आपत्तियां दर्ज कराता है तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत जांच कराएंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि वर्तमान ड्राफ्ट सूची में शामिल 71.33 लाख मतदाताओं में से करीब 19 लाख मतदाताओं के विवरण में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से नोटिस चरण के दौरान अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




