15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची, नागरिकों से दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की अपील।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी, 15 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR-2026) के तहत नैनीताल जनपद की प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशित कर दी गई है। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें मतदाता सूची की एक-एक प्रति उपलब्ध कराई।
जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य निर्वाचन नामावली को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया गया है। इसके बाद 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्रारूप निर्वाचक नामावली में नैनीताल जनपद के 6,93,325 मतदाता शामिल हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें 90.61 प्रतिशत अभिलेख डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं 71,810 (9.39 प्रतिशत) मतदाता ऐसे चिन्हित हुए हैं, जिनके प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके या जिन्हें अनकलेक्टेबल (ASDD) श्रेणी में रखा गया है। इन सभी मामलों का नियमानुसार सत्यापन किया गया है।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की भी पहचान की गई है। नैनीताल जनपद में 1,88,054 संभावित विसंगतियां चिन्हित हुई हैं, जिन पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा विधिसम्मत नोटिस जारी कर जांच एवं सुनवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपद के नागरिकों से अपील की कि यदि मतदाता सूची में उनके नाम, पते, आयु, फोटो या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है अथवा किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो निर्धारित अवधि के भीतर फॉर्म-6, फॉर्म-7 या फॉर्म-8 के माध्यम से दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता से किया जाएगा।




