उत्तराखंड का पहला फीकल स्लैश ट्रीटमेंट प्लांट जल्द होगा शुरू मेयर और एमएनए ने किया प्लांट का निरीक्षण।

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड का पहला फीकल स्लैश ट्रीटमेंट प्लांट जल्द होगा शुरू मेयर और एमएनए ने किया प्लांट का निरीक्षण।

 

शादाब हुसैन – सवाददाता

रूद्रपुर। रूद्रपुर में किच्छा बाईपास मार्ग बीएचईएल के निकट बन रहे उत्तराखण्ड के पहले फीकल स्लैश ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का मेयर रामपाल सिंह और और मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों का जायजा लिया और निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिये।

यह भी पढ़ें 👉  सांसद अजय भट्ट ने रेल मंत्री से की मुलाकात, क्षेत्रीय रेल समस्याओं को उठाया।

 

 

प्लांट का निर्माण पूरा होने के बाद इसमें घरों के सैप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज को प्रोसेस कर खाद तैयार की जायेगी। निरीक्षण के दौरान मेयर ने अब तक हुए कार्यो के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये।

 

 

प्लांट के सम्बंध में मेयर ने बताया कि यह उत्तराखण्ड का पहला प्लांट है जिसमें सैप्टिक टैंक के स्लज को वैज्ञानिक विधि से प्रोसेस कर खाद तैयार की जायेगी। उन्होंने कहा कि फीकल ट्रीटमेंट प्लांट शतप्रतिशत सोलर सिस्टम से संचालित होगा। जहां पर रुद्रपुर क्षेत्र में निर्मित समस्त भवनों में जमा होने वाले सेप्टेज को डीस्लजिंग वाहन के माध्यम से ले जाकर खाली किया जाएगा। जिसको प्लांट में ट्रीट कर खाद तैयार की जाएगी। इस प्लांट की क्षमता 125 के0एल0डी0 है जिसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा 6.89 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में कमल कफलटिया समेत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर पत्रकारों का वार, छवि धूमिल करने वालों पर कार्यवाही की गुहार लेकर पत्रकारों ने SSP NAINITAL को दिया ज्ञापन,  SSP बोले— पत्रकारों की सुरक्षा-सम्मान सर्वोपरि, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी, होगी कड़ी कार्यवाही।

 

 

मेयर ने बताया कि उक्त प्लांट का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है संभवतः जुलाई में इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने से पर्यावरण संरक्षण में इसका लाभ मिलेगा। प्लांट में वैज्ञानिक विधि से स्लज का निस्तारण होने से शहर को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा तथा भूमिगत जल को भी दूषित होने से बचाया जाएगा, जिससे वातावरण शुद्ध होगा। बेहतर होगा जोकि आम जनमानस को स्वस्थय रखने में मदद करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *