
कालागढ़ के प्राकृतिक पर्यावरण की विशेषताओं से रूबरू हुए प्रशिक्षु वन आरक्षी, फील्ड भ्रमण कर सीखा वन एवं वन्यजीव संरक्षण का पाठ।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
कालागढ़। कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उत्तराखंड के प्रशिक्षु वन आरक्षियों को कालागढ़ की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरणीय विशेषताओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के तहत प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्राकृतिक स्थलों का फील्ड भ्रमण कराकर वन, वन्यजीव और जलीय पर्यावरण संरक्षण की बारीकियां समझाई गईं।
इस दौरान संकाय सदस्य अथहर महमूद सिद्दीकी ने प्रशिक्षु वन आरक्षियों को कालागढ़ के स्टील ब्रिज, प्राचीन शिव मंदिर, रामगंगा नदी, वन विश्राम गृह और शिवालिक पर्वत की घाटियों का भ्रमण कराया। उन्होंने रामगंगा नदी के जल, जलीय जीवों, विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों और क्षेत्र की पर्यावरणीय परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत वन एवं जलीय संपदा के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। कालागढ़ का स्वच्छ वातावरण, बेहतर प्राकृतिक परिस्थितियां और समृद्ध जैव विविधता इसकी विशेष पहचान हैं। उन्होंने वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के पालन पर जोर दिया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वार्डन, कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी एवं प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक बिंदर पाल ने कहा कि इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण वन आरक्षियों के सेवाकाल में काफी उपयोगी साबित होगा। पर्यावरण संरक्षण में स्थानीय जनता की जागरूकता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी एनके रूवाली, कार्यालय प्रभारी सुनील कुमार, वनकर्मी रितेश त्रिपाठी और दिलशाद अहमद सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।



