*SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में संपन्न हुआ 03 दिवसीय NAFIS/MCU प्रशिक्षण*
*पुलिस अधीक्षक संचार मठपाल ने प्रमाण पत्र बांटते हुए कहा— “वैज्ञानिक साक्ष्यों से बढ़ेगी विवेचना की गुणवत्ता और दोषसिद्धि दर*
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल। जनपद नैनीताल पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए NAFIS/MCU प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। यह प्रशिक्षण 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण में जनपद के 205 पुलिसकर्मियों—उपनिरीक्षक, अपर उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, मालखाना मोहर्रिर एवं CCTNS कर्मियों—ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) और MCU (मोबाइल क्राइम यूनिट) से जुड़ी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान फिंगरप्रिंट संकलन, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और फॉरेंसिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता को और मजबूत किया गया।
प्रशिक्षण में राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो देहरादून की निरीक्षक राशिदा, MCU मास्टर ट्रेनर कमल कुमार, हेड कांस्टेबल भगवान सिंह और NAFIS मास्टर ट्रेनर कांस्टेबल नितिन कुमार ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य अपराध अनावरण का सबसे सशक्त माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में विवेचना अधिकारियों के लिए इन तकनीकों में दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि फिंगरप्रिंट एवं डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण जांच को तेज और सटीक बनाता है, जिससे न्यायालय में मजबूत पैरवी संभव होती है और दोषसिद्धि दर में भी वृद्धि होती है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाना है, जिससे जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
— मीडिया सेल, जनपद नैनीताल


