प्रभात ध्यानी की हिरासत के विरोध में रामनगर कोतवाली का घेराव, रिहाई के बाद निकाला जुलूस।

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प्रभात ध्यानी की हिरासत के विरोध में रामनगर कोतवाली का घेराव, रिहाई के बाद निकाला जुलूस।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

रामनगर। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए जाने के विरोध में शनिवार को रामनगर में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ध्यानी की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। बाद में रिहा होने पर उनके समर्थन में जुलूस भी निकाला गया।

 

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बताया गया कि प्रभात ध्यानी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे थे। आरोप है कि 19 जुलाई की शाम ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें रामनगर कोतवाली लाया गया, जहां रातभर पुलिस हिरासत में रखा गया। अगले दिन 20 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।

 

 

 

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग की। साथ ही सभी नागरिकों को समान, निशुल्क, वैज्ञानिक एवं मातृभाषा आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही।

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रिहाई के बाद प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि उन्हें जंतर-मंतर के कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके परिजनों और सहयोगियों को उनकी गिरफ्तारी की समुचित जानकारी नहीं दी गई, जो कानून का उल्लंघन है।

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प्रभात ध्यानी ने बताया कि उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। उनके अनुसार न्यायालय ने मामले में पुलिस से जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई निर्धारित की गई है।

 

 

प्रदर्शन में समाजवादी लोकमंच, देवभूमि व्यापार मंडल, महिला संगठनों, मजदूर संगठनों, राज्य आंदोलनकारियों, अधिवक्ताओं तथा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पदाधिकारियों सहित विभिन्न संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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