जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग: तारा घिल्डियाल।

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जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग: तारा घिल्डियाल।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। नेकी की दीवार–प्रहरी विंग ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर आघात बताया है।

 

 

संगठन के संयोजक तारा चन्द्र घिल्डियाल ने जारी बयान में कहा कि लोकतंत्र का आधार संवाद, सहमति और जनभागीदारी है, न कि असहमति के स्वर को बलपूर्वक दबाना। उन्होंने कहा कि यदि छात्र और युवा पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह उनसे संवाद स्थापित कर उनकी चिंताओं का समाधान करे।

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घिल्डियाल ने कहा कि निर्वाचित सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का नैतिक दायित्व है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाज के प्रति उत्तरदायी व्यवहार करें। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आवाज सुनने के बजाय उदासीनता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है।

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संगठन का कहना है कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य और विश्वास को प्रभावित किया है। ऐसे में छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। बयान में कहा गया कि विरोध दर्ज कराना और जवाब मांगना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

 

 

 

नेकी की दीवार–प्रहरी विंग ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में हुई विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने तथा पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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संगठन ने जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों और युवाओं के साथ सम्मानजनक संवाद स्थापित करने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि युवाओं की मांगों की अनदेखी जारी रही तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में व्यापक जनजागरण और जनआंदोलन चलाया जाएगा।


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