

*डकैती का प्लान, नकाब और हथियार… फिर 8 लाख की लूट! SSP मंजूनाथ टीसी ने पलट दिया पूरा खेल*
*02 डकैत गिरफ्तार, लूटी गई रकम और 02 तमंचे और 08 जिंदा कारतूस बरामद*
*उधम सिंह नगर, पीलीभीत और यूपी से जुड़े अन्य डकैत चिन्हित, कप्तान की स्पेशल टीम की धड़पकड़ जारी*
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नकाबपोश बदमाशों ने गोरापड़ाव में मचाई थी सनसनी, दो आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल-तमंचे, 8 कारतूस और 66 हजार रुपये बरामद
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हथियारबंद बदमाशों द्वारा की गई लाखों रुपये की डकैती का नैनीताल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 66 हजार रुपये की नकदी, एक तमंचा और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के जरिए गोरापड़ाव में हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूटपाट की सूचना मिली थी। इसके बाद हल्द्वानी पुलिस मौके पर पहुंची। वादी नारायण दास की तहरीर के अनुसार करीब 10 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने उनके कार्यालय/गैरेज में घुसकर लगभग 8 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, सोने की चेन और अंगूठियां लूट ली थीं। मामले में हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने करीब 50 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित की। एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड को जांच में लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस फुटेज खंगालते हुए संदिग्धों की पहचान शुरू की।
जांच के दौरान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह निवासी शीशगढ़, बरेली पुलिस के रडार पर आए। पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि दोनों ने किच्छा निवासी यश सिडाना के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, यश सिडाना कथित तौर पर लाखों रुपये का जुआ हार चुका था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की जानकारी के बाद आरोपियों ने वहां डकैती डालने की साजिश रची। वारदात से पहले रेकी की गई और फिर नकाब पहनकर हथियारों के बल पर लूट को अंजाम दिया गया।
पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद लूटी गई रकम आपस में बांट ली गई, जबकि मोबाइल फोन पुलिस से बचने के लिए रास्ते में फेंक दिए गए।
गिरफ्तार वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू के कब्जे से 31 हजार रुपये और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि रखवीर सिंह से 35 हजार रुपये, एक 315 बोर का तमंचा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। पुलिस के मुताबिक वारदात संगठित तरीके से किए जाने के आधार पर बीएनएस के नए प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं, दूसरे आरोपी वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
एसएसपी नैनीताल ने डकैती कांड के खुलासे में जुटी पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस अब वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और लूटी गई शेष संपत्ति की बरामदगी में जुटी है।





















