मुख्यमंत्री धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा राज्य संपत्ति विभाग, आधुनिकता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर फोकस।

मुख्यमंत्री धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा राज्य संपत्ति विभाग, आधुनिकता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर फोकस।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में अपनी योजनाओं को गति दी है। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठकों में रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह और देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में 48 नए श्रेणी-3 आवासों की निर्माण योजना की समीक्षा की गई।

 

 

 

रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के लिए करीब ₹48.84 करोड़ का विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। बैठक में सचिव ने अतिथि गृह को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉन्फ्रेंस हॉल में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था, बड़े आकार के फ्लैट टीवी सहित आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। इससे पर्वतीय क्षेत्र में अतिथि गृह को प्रशासनिक बैठकों और संवाद के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को दी शुभकामनाएं

 

 

 

निर्माण कार्य में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को एनजीटी के मानकों के अनुरूप निर्माण स्थल की नदी से न्यूनतम 200 मीटर दूरी सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही नियमानुसार प्रमाण-पत्र अभिलेखों में संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथि गृह के मुख्य प्रवेश द्वार और केंद्रीय भवन पर आकर्षक एवं बड़े आकार का लोगो लगाने को भी कहा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से की भेंट

 

 

 

वहीं, देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में पुराने जर्जर भवनों को हटाकर रिक्त भूमि पर करीब ₹28.07 करोड़ की लागत से 48 नए श्रेणी-3 आवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। सचिव ने भवनों के बाहरी हिस्से में ऐसी निर्माण सामग्री और फिनिशिंग का उपयोग करने के निर्देश दिए, जिससे रखरखाव की लागत कम हो और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े।

 

 

 

परियोजना में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन करने के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करना भी अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक कॉलोनी के बाहर उसका नाम स्पष्ट और आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग डिजाइन और फॉर्मेट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  बिना मान्यता वाले मदरसों पर धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 20 का संचालन बंद।

 

 

 

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में आवासीय एवं राज्य संपत्ति से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में स्थानीय वास्तुशैली को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

kj
tara