नगरपालिका के स्टोर से पशु बाजार तक अनियमितताओं का खुलासा, 28 लाख के टेंडर पर सवाल, ईओ का वेतन रोकने के निर्देश।

नगरपालिका के स्टोर से पशु बाजार तक अनियमितताओं का खुलासा, 28 लाख के टेंडर पर सवाल, ईओ का वेतन रोकने के निर्देश।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर नगरपालिका की व्यवस्थाओं को लेकर हुए निरीक्षण में स्टोर प्रबंधन से लेकर पशु बाजार और प्लास्टिक कचरे के निस्तारण तक कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रिकॉर्ड संधारण, सामान के वितरण, पशु बाजार के संचालन और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले में अब तथ्यात्मक जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

 

 

 

निरीक्षण में नगरपालिका स्टोर में रखे सामान के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर स्थिति पर सवाल उठे। अधिकारी के मुताबिक डस्टबिन, चूना, ब्लीचिंग पाउडर और झाड़ू जैसी सामग्री के इश्यू का विधिवत रिकॉर्ड रखने के बजाय सामान्य पर्चियों के माध्यम से हिसाब दर्ज किया जा रहा था। खरीदी गई सामग्री का रिकॉर्ड तो मौजूद है, लेकिन मौके पर वास्तविक स्टॉक कितना बचा है, इसका स्पष्ट मिलान नहीं हो पाया। अधिकारी ने आशंका जताई कि रिकॉर्ड की इस कमी से सामग्री के दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है।

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28 लाख के पशु बाजार के संचालन पर भी सवाल

निरीक्षण के दौरान नगरपालिका के स्लॉटर हाउस के समीप संचालित पशु बाजार की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई। अधिकारी के अनुसार यह बाजार करीब 28 लाख रुपये के सालाना टेंडर पर दिया गया है, लेकिन मौके पर मौजूद ठेकेदार को अपने ही स्टाफ की पूरी जानकारी और संपर्क नंबर तक उपलब्ध नहीं थे। इससे बाजार का संचालन वास्तव में कौन कर रहा है, इस पर भी सवाल उठे।

 

 

 

अधिकारी ने बताया कि पशुओं को बाजार में लाने से संबंधित आवश्यक अनुमति और प्रोटोकॉल के दस्तावेज मौके पर नहीं मिले। किस पशु को लाया गया, किसे बेचा गया, कितने मूल्य पर बिक्री हुई और उसकी स्वास्थ्य स्थिति क्या थी—इनका भी समुचित रिकॉर्ड नहीं पाया गया। इसे पशु कल्याण और कानूनों के दृष्टिकोण से गंभीर मामला बताते हुए नगरपालिका को पुलिस में तहरीर देने के निर्देश दिए गए हैं।

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ईओ का वेतन रोकने के निर्देश

नगरपालिका कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर भी सख्ती के निर्देश दिए गए। अधिकारी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कर्मचारियों, विशेषकर पर्यावरण मित्रों की शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। व्यवस्था लागू न होने पर ईओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं, जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती।

 

 

 

प्लास्टिक कचरे के टेंडर पर भी जांच के निर्देश

प्लास्टिक कचरे के निस्तारण से जुड़े टेंडर में भी कथित अनियमितताओं की बात सामने आई। अधिकारी के मुताबिक जिस संस्था को प्लास्टिक कचरा भेजे जाने की बात सामने आई, उसके संबंध में हल्द्वानी नगर आयुक्त से जानकारी ली गई तो वर्तमान में उसके प्लास्टिक मैनेजमेंट में सक्रिय होने की पुष्टि नहीं हुई। कचरे की तुलाई के लिए जिम्मेदार कर्मचारी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाएं भी मौके पर नहीं मिलीं।

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इससे घटतौली और नगरपालिका राजस्व को नुकसान की आशंका जताई गई है। अधिकारी ने पूरे मामले में जिलाधिकारी नैनीताल से तथ्यात्मक जांच कराने का अनुरोध किया है। प्रारंभिक निरीक्षण के बाद शासन को भी पत्र भेजने की बात कही गई है, ताकि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

 

 

यानी नगरपालिका की व्यवस्था में एक नहीं, बल्कि कई मोर्चों पर उठे सवालों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को जांच के दायरे में ला दिया है। अब डीएम स्तर की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इन अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और सरकारी संसाधनों व राजस्व को कितना नुकसान हुआ।